Journey of Naivedyam_Hindi

नैवेद्यम् लड्डू की विकास यात्रा

Naivedyam Laddo

लगभग 25 वर्ष पूर्व जब आचार्य किशोर कुणाल गृह मन्त्रालय के अधीन अयोध्या में ओ.एस.डी. थे तब वे तिरुपति गये थे और वहीं से कुछ कारीगरों को नैवेद्यम् यानी भगवान् का भोग बनाने के लिए लाये थे। इन 25 वर्षों में नैवेद्यम् का इतना व्यापक प्रसार हुआ कि 2017-18 के वित्तीय़ वर्ष में इसकी बिक्री 8 लाख किलोग्राम के लगभग (8,03,935.500 किलो) हो गयी। इतनी अधिक बिक्री से उन्नीस करोड़ सत्ताइस लाख अड़सठ हजार सात सौ पैंतीस रुपये (19,27,68,735=00) की राशि प्राप्त हुई। इसमें से नैवेद्यम के निर्माण पर लगे सभी प्रकार के व्ययों को घटा देने पर शुद्ध राशि सात करोड इक्यावन लाख, तिरपन हजार पाँच सौ सात रुपये (7,51,53,507=00)  की बचत हुई।

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महावीर मन्दिर न्यास ने इस बची हुई राशि से सभी आवेदक कैंसर मरीजों को 10,000 रुपये प्रति मरीज एवं गरीबी रेखा से नीचे वाले मरीजों तथा सभी 18 वर्ष से कम उम्र के मरीजों को 15,000 रुपये प्रति मरीज को आर्थिक सहायता दी जाती है।  अस्पताल मं भर्ती सभी मरीजों के लिए तीनों समय के निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गयी है। सभी मरीजों की संख्या 500 के लगभग रहती है। इसके अतिरिक्त उनके परिचारकों के लिए 30 रुपये की न्यूनतम दर से भोजन उपलब्ध कराया गया है. देशभर में कहीं भी 100 रुपये प्रति यूनिट की दर से खून उपलब्ध नहीं है, लेकिन यहाँ कैंसर के सभी मरीजों को इसी नगण्य शुल्क पर खून उपलब्ध कराया जाता है। ये सभी क्रियाकलाप नैवेद्यम् से प्राप्त शेष आय से हो रहे हैं। इसका श्रेय नैवेद्यम विभाग के श्री शेषाद्रिजी को जाता है।

अब नैवेद्यम् में गुणात्मक वृद्धि के लिए एक प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में क्रीम को सामने में गलाकर घी बनाया जाता है। हलाँकि यह शत प्रतिशत शुद्ध है, किन्तु दक्षिण में जिस प्रकार गाय का घी बनाया जाता है, उस तरह का विशिष्ट स्वाद इसमें नहीं है। घी जिसका प्रयोग तिरुपति के लड्डू बनाने के लिए किया जाता है, उसकी आपूर्ति हम भी सीधे कर्नाटक मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन से कर रहे हैं। यहाँ सुधा घी की दर 470 रुपये प्रति लीटर है, जबकि यह घी जो हम 414 रुपये प्रति लीटर की दर से ले रहे हैं, इसमें यातायात-व्यय एवं जी. एस. टी. की राशि भी शामिल है। यह इतना सस्ता इसलिए हैं क्योंकि हमें तिरुपति मन्दिर में आपूर्ति की दर से ही यह घी मिल रहा है।

वर्तमान में क्रीम से निकाले गये जिस घी का हम प्रयोग कर रहे हैं उसका मूल्य 350 रुपये प्रति  किलोग्राम है जबकि अब नये घी का मूल्य 414 रुपये प्रति लीटर होगा. फिर भी हम नैवेद्यम् के मूल्य में किसी प्रकार की भी वृद्धि नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में नवीन नैवेद्यम् का मूल्य 250 रुपये प्रति किलोग्राम है। आरम्भ में, नये घी से बने नैवेद्यम् का भी मूल्य 250 रुपये ही रहेगा। कुछ दिनों के लिए पुरानी विधि से बनाये गये नैवेद्यम् 500 ग्राम, 250 ग्राम एवं 200 ग्राम की पैकिंग में उपलब्ध होंगे।  पर, कुछ दिनों के बाद नैवेद्यम् की सभी पैकिंग में गाय के इसी शुद्ध घी से निर्मित लड्डू ही उपलब्ध होंगे। हमें आशा है कि श्रद्धालु गण इसके नये स्वाद को पसंद करेंगे और अपना मन्तव्य देंगे।

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