डा. सुदर्शन श्रीनिवास शाण्डिल्य संस्कृत विद्या के पारम्परिक विद्वान् एवं अध्यापक हैं। गीता के ज्ञान का गम्भीर उपदेश देने के लिए इनकी ख्याति विशेष रूप से है। नव्य-न्याय एवं व्याकरण देनों आधापभूत विषयों की सिक्षा के कारण इनकी भाषा प्रांजल होती है।Continue Reading

मिथिला के आधुनिक विद्वानों में अन्यतम डा. शशिनाथ झा, एक साथ मिथिला के इतिहास, पाण्डुलिपिशास्त्र, संस्कृत व्याकरण, साहित्य, धर्मशास्त्र आदि के विद्वान् हैं। इन्होंने सौ से अधिक ग्रन्थों का सम्पादन तथा लेखन किया है।Continue Reading

गणित एवं विज्ञान में उच्च शिक्षित, भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (अ.प्रा.) एवं वैदिक परम्परा के विख्यात लेखक, विशेष रूप से वैदिक कालगणना पद्धति पर वैज्ञानिक पद्धति से व्याख्या करनेवाले विद्वान्Continue Reading

आचार्य सीताराम चतुर्वेदी

आचार्य चतुर्वेदी ऐसे विद्वान् तथा लेखक हुए, जिन्हें सभी लोगों ने पढ़ा। उन्होंने अनेक विधाओं पर रचना की जिनकी सूची का अवलोकन करना भी हमें उनके प्रति श्रद्धावनत कर देता है।Continue Reading

Dr. Jitendra Kumar Singh 'Sanjay'

डॉ. जितेन्द्र न केवल कवि, साहित्यकार, आलोचक, भाषाविद् एवं इतिहासकार हैं, अपितु सामाजिक सरोकार रखनेवाले सहृदय व्यक्ति भी हैं।Continue Reading

मैथिली आ मिथिलाक लेल समर्पित लेखक, सम्पादक, पत्रकार श्री राम भरोस कापरि भ्रमर वर्तमानमे नेपालीय मैथिली साहित्यक सशक्त हस्ताक्षर छथि।Continue Reading

मिथिला के इतिहास एवं पुरातत्त्व, विशेष रूप से मूर्ति-विज्ञान एवं वास्तु कला पर कार्य करनेवाले आधुनिक विद्वानों में डा. सुशान्त कुमार का नाम लिया जा सकता है। इनका यह कार्य निर्बाध गति से चलता रहे इसी शुभकामना के साथ….Continue Reading