महावीर मन्दिर में अनुष्ठान/वैदिक अनुष्ठान की सूची
विवरण : मन्दिर में प्रतिदिन मध्याह्न आरती एवं सन्ध्या आरती से पहले सभी देवताओं को अन्न-भोग अर्पित किया जाता है। भक्तों द्वारा जमा किये गये शुल्क से इसकी व्यवस्था की जाती है तथा स्थानीय भक्त इसका प्रसाद ग्रहण करते हैं।
2. अनुष्ठान का नाम : अखण्ड-ज्योति - शुल्क : ₹ 830.00विवरण : मुख्य देवता हनुमान् के गर्भगृह में घी का अखण्ड दीप जलता है। जो भक्त इसके लिए शुल्क जमा करते हैं उनके नाम से संकल्प लेकर इसी दीप में घी डाला जाता है।
3. अनुष्ठान का नाम : सिन्दूर-शृंगार - शुल्क : ₹ 550.00विवरण : हनुमान् की प्रतिमा पर प्रतिदिन सिन्दूर-लेपन का विधान है। जो भक्त इसके लिए शुल्क जमा करते हैं उनके नाम से संकल्प कर यह सिन्दूर-श्रृंगार किया जाता है।
4. अनुष्ठान का नाम : दरिद्रनारायण भोज - सामान्य दिन - शुल्क : ₹ 1210.00 / मंगलवार/शनिवार/विशेष दिन - शुल्क : ₹ 1650.00 / विशिष्ट दरिद्रनारायण भोज - शुल्क : ₹ 2750.00/5610.00विवरण : भक्तों द्वारा दिये गये धन से मन्दिर द्वारा प्रतिदिन दो बार अपराह्ण 12 बजे और रात्रि 8 बजे जरूरतमंदों को भोजन कराया जाता है। स्थानीय श्रद्धालु उस समय आकर अपने हाथों भी भोजन परोस कर खिलाते हैं। सभी दाताओं के नाम मन्दिर में रखे गये दैनिक बोर्ड पर लिखे जाते हैं।
5. अनुष्ठान का नाम : साधु-सेवा - शुल्क : ₹ 830.00विवरण : भक्तों द्वारा जमा किए गये शुल्क से मन्दिर में साधुओं के लिए दो समय भोजन की नियमित व्यवस्था है लगभग २०० साधु-संन्यासी, महात्मा प्रतिदिन भोजन करते हैं।
6. अनुष्ठान का नाम : ध्वज रोहन - शुल्क : ₹ 2750.00विवरण : हनुमान जी का ध्वज बदलना एक धार्मिक प्रथा है जो आमतौर पर पूर्णिमा या मंगलवार को की जाती है। पुराने ध्वज को सम्मानपूर्वक हटाकर, नया ध्वज स्थापित किया जाता है।
7. अनुष्ठान का नाम : पुष्प शृंगार ( अन्य दिन ) - शुल्क : ₹ 6050.00 / ( मंगलवार/शनिवार/विशेष दिन )- शुल्क : ₹ 8250.00 / ( रामनवमी/दिवाली ) - शुल्क : ₹ 16500.00विवरण : पुष्प श्रृंगार का अर्थ है, हनुमानजी की मूर्ति को फूलों से सजाना। यह एक धार्मिक प्रथा है जिसमें हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के फूलों का उपयोग किया जाता है।
8. अनुष्ठान का नाम : भगवान का वस्त्र - शुल्क : ₹ 34100.00विवरण : सभी भगवान की मूर्तियों को नए वस्त्र पहनाए जाते हैं, यह एक प्रतीकात्मक कार्य है जो भक्त के मन में भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति की भावना को दर्शाता है।
1. अनुष्ठान का नाम : रुद्राभिषेक - सावन सोमवारी/महाशिवरात्रि - शुल्क : ₹ 2750.00 / सावन में अन्य दिन- शुल्क : ₹ 2310.00 /सोमवार/विशेष दिन- शुल्क : ₹ 2310.00 / अन्य दिन- शुल्क : ₹ 1650.00 / महारुद्राभिषेक ( तीन घंटा )- शुल्क : ₹ 5610.00
विवरण : रोग, मृत्युभय, बाधा, चिन्ता, कालसर्प योग, दुष्ट ग्रह आदि से छुटकारा पाने के लिए तथा पारिवारिक सुख शान्ति, समृद्धि, स्वास्थ्य आदि लाभ के लिए भगवान् शिव का अभिषेक सबसे प्रसिद्ध कर्मकाण्ड माना जाता है। स्थापित शिवलिंग पर अभिषेक में शिववास का भी विचार नहीं होता है। शिव की पूजा के लिए शिववास का विचार उस स्थिति में किया जाता है, जब मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजा करनी हो। किन्तु मन्दिर में स्थापित प्रस्तर शिवलिंग पर किसी भी दिन रुद्राभिषेक कराया जा सकता है। महावीर मन्दिर में भक्तों द्वारा जमा किए गये शुल्क से ३ लीटर दूध एवं भोग की विशेष व्यवस्था की जाती है। पूजन की अन्य सामग्री तथा पुरोहित की दक्षिणा भी इसी में सम्मिलित है। यजमान को कुछ भी लाने की आवश्यकता नहीं है।
2. अनुष्ठान का नाम : सत्यनारायण पूजा - शुल्क : ₹ 1210.00विवरण : भगवान् सत्यनारायण की कथा घर घर में होती रही है। महावीर मन्दिर में इस पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है। इसमें लगभग २ घंटा समय लगता है। यहाँ भविष्य-पुराण में उपलब्ध सत्यनारायण की विशिष्ट पूजा की व्यवस्था की गयी है। (विशेष अध्ययन)
3. अनुष्ठान का नाम : रामार्चा पूजा - शुल्क : ₹ 2310.00विवरण : भगवान् श्रीराम एवं जगज्जननी की उपासना महावीर मन्दिर में जगद्गुरु रामानन्दाचार्य की लिखी हुई पद्धति से करायी जाती है। इसमें मन्दिर की ओर से नैवेद्यम् प्रसाद की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त प्रसाद यजमान स्वयं ला सकते हैं।
4. अनुष्ठान का नाम : हनुमत-पूजा - शुल्क : ₹ 2310.00विवरण : खोयी हुई वस्तु पाने के लिए, शत्रु के प्रकोप से बचने के लिए, मंगल एवं शनि ग्रह की शान्ति के लिए, कलह से मुक्ति, सुख-शान्ति एवं समृद्धि के लिए महावीर हनुमान् की उपासना सदियों से की जाती रही है। यह पूजा लगभग ३ घंटे तक चलती है। पूजन के अन्त में हवन भी होता है।
5. अनुष्ठान का नाम : ग्रहशान्ति हवन/रोगशान्ति हवन/विशेष हवन - शुल्क : ₹ 1210.00विवरण : ग्रहशान्ति हवन : किसी व्यक्ति की जन्म कुण्डली में या गोचर में स्थित बुरे ग्रह की शान्ति के लिए उस ग्रह की विशेष पूजा की व्यवस्था की गयी है। इस पूजा में सभी ग्रहों की पूजा कर विशेष रूप से दुष्ट ग्रह की विशेष पूजा तथा हवन किया जाता है। इसमें भी लगभग 1 घंटा समय लगता है।
विवरण : रोगशान्ति हवन : धार्मिक मान्यता के अनुसार दुष्ट ग्रह, पूर्व जन्म या इस जन्म में किया गया जाना या अनजाना कोई पाप रोग उत्पन्न करते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए भगवान् सूर्य एवं भगवान् शिव की आराधना सबसे उत्तम है। मन्दिर में इसके लिए व्यवस्था की गयी है। इस पूजा में भी लगभग २ घंटा समय लगता है।
6. अनुष्ठान का नाम : हनुमानचालीसा पाठ ( 108 पाठ ) - शुल्क : ₹ 1210.00विवरण : 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से अनेक लाभ होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और भक्त के सभी बिगड़े काम बनते हैं। 108 बार पाठ करने से आध्यात्मिक बल, आत्मिक बल और मनोबल बढ़ता है, साथ ही पवित्रता की भावना महसूस होती है। 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, तनाव और असुरक्षा की भावना दूर होती है और व्यक्ति खुद को निरोगी महसूस करता है।
7. अनुष्ठान का नाम : रामरक्षास्तोत्र/हनुमत कवच/आदित्य ह्रदय पाठ/अन्य पाठ ( एक पाठ ) - शुल्क : ₹ 280.00विवरण : रामरक्षास्तोत्र: यह भगवान राम की स्तुति है और इसे पढ़ने से सभी प्रकार के भय, दुःख और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
विवरण : हनुमत_कवच: यह हनुमान जी की स्तुति है और इसे पढ़ने से बल, बुद्धि, और शक्ति प्राप्त होती है।
विवरण : आदित्य_हृदय_पाठ: यह सूर्य देव की स्तुति है और इसे पढ़ने से स्वास्थ्य, धन, और सफलता प्राप्त होती है।
8. अनुष्ठान का नाम : सुन्दरकाण्ड पाठ ( एक पाठ ) - शुल्क : ₹ 280.00 / वाल्मीकि सुन्दरकाण्ड ( एक पाठ )- शुल्क : ₹ 2310.00विवरण : रामचरितमानस : खोये हुए व्यक्ति या किसी वस्तु को पुनः पाने के लिए सुन्दरकाण्ड का पाठ होता रहा है। इससे हनुमानजी की आराधना की जाती है।
विवरण : वाल्मीकि-रामायण : वाल्मीकि रामायण के सुन्दरकाण्ड में ६८ अध्याय हैं। इसके पाठ का कई प्रकार से पुरश्चरण होता है। महावीर मन्दिर में तीन दिन एवं सात दिन के दो प्रकार से पाठ होता है। इसमें हवन नहीं होता है।
1. अनुष्ठान का नाम : दुर्गासप्तशती पाठ ( सम्पुट ) - शुल्क : ₹ 2310.00 / साधारण - शुल्क : ₹ 1110.00
विवरण : सम्पुट पाठ : श्रीदुर्गासप्तशती में सात सौ मन्त्र हैं। इनमें से कुछ मन्त्र सम्पुट पाठ के लिए प्रसिद्ध हैं। विभिन्न कामनाओं की सिद्धि के लिए विभिन्न बीज मन्त्रों का विधान किया गया है। सम्पुट पाठ में १३ अध्याय के सात सौ मन्त्रों में प्रत्येक मन्त्र के आगे-पीछे बीजमन्त्र जोड़कर पाठ किया जाता है। इस प्रकार एक सामान्य पाठ से तीन गुना समय इस सम्पुट पाठ में लगता है। यह पाठ विशेष फलदायी माना गया है। (विशेष अध्ययन)
विवरण : साधारण पाठ : देवी की उपासना में यह पाठ सबसे प्रसिद्ध है। इस पाठ के अन्तर्गत अर्गला, कील, कवच, शापोद्धार, शतनाम, मूल १३ अध्याय एवं अन्त में ऋग्वेद के देवी-सूक्त का पाठ होता है। इसमें लगभग ढाई घंटा का समय लगता है। (विशेष अध्ययन)
2. अनुष्ठान का नाम : कलशस्थापन/दुर्गा पाठ सहित ( नौ दिन ) - शुल्क : ₹ 8250.00विवरण : कलश स्थापना, जिसे घटस्थापना भी कहा जाता है, नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह नौ दिनों की अवधि के दौरान देवी के नौ रूपों की पूजा करने और उनका आशीर्वाद लेने का एक अनुष्ठान है।
3. अनुष्ठान का नाम : मनोकामना यज्ञ - शुल्क : ₹ 5610.00विवरण : मनोकामना यज्ञ, जिसे "कामना पूर्ति यज्ञ" या "इच्छा पूर्ति यज्ञ" भी कहा जाता है, एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें देवी-देवताओं को प्रसन्न करके अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए यज्ञ किया जाता है। यह यज्ञ विशेष रूप से तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी विशेष मनोकामना को पूरा करना चाहता है, जैसे कि स्वास्थ्य, धन, विवाह, या शिक्षा में सफलता।
4. अनुष्ठान का नाम : जन्ममंगलानुष्ठान - शुल्क : ₹ 1210.00विवरण : जन्मदिन के अवसर पर आयु-वृद्धि तथा अगले वर्ष में सुख, शान्ति, स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए देवताओं की पूजा तथा हवन का विधान शास्त्रों में किया गया है। महावीर मन्दिर की ओर से इसकी व्यवस्था की गयी है। इसे वर्षवृद्धि या वर्द्धापन भी कहा जाता है।
5. अनुष्ठान का नाम : ध्वज संकल्प - शुल्क : ₹ 1210.00विवरण : भक्त एक संकल्प लेते हैं कि वे ध्वज को भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण के प्रतीक के रूप में स्थापित कर रहे हैं।
6. अनुष्ठान का नाम : मुण्डन ( बाजा नहीं बजेगा ) - शुल्क : ₹ 550.00विवरण : भक्तों की मन्नतें रहती है कि वे मन्दिर में बच्चे का मुण्डन-संस्कार कराये। महावीर मन्दिर में भी निर्धारित शुल्क जमा कर तुलसी-मण्डप के पीछे बच्चे का मुण्डन करा सकते हैं। इसके लिए नाई, पुरोहित आदि की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। बाजा बजाने से अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, अतः इस पर रोक लगा दिया गया है।
7. अनुष्ठान का नाम : रामावत सम्प्रदाय में दीक्षा - शुल्क : ₹ 60.00विवरण : महावीर मन्दिर की ओर से रामावत संगत की स्थापना की जा रही है। रामावत संगत युग-प्रर्वतक सन्त रामानन्दाचार्य के सिद्धान्तों का अनुसरण सामान्यतः करेगी। रामानन्दाचार्य द्वारा स्थापित सम्प्रदाय का नाम है रामावत सम्प्रदाय और इस समुदाय के भक्त दो प्रकार के हैं- साधु एवं गृहस्थ। साधु बैरागी कहलाते हैं और आज भारत में ऐसे विरक्त सन्तों की संख्या सर्वाधिक होगी। उनके अपने नियम एवं अनुशासन हैं। रामावत संगत उनके प्रति अगाध श्रद्धा रखेगी तथा उनके नियम एवं अनुशासन में हस्तक्षेप नहीं करेगी। ...read more
8. अनुष्ठान का नाम : महामृत्युंजय जप/अन्य ग्रह जप - शुल्क : ₹ 330.00 ( प्रति हजार )
विवरण : महामृत्युंजय जप : रोग, विघ्न-बाधा, मृत्यु की आशंका आदि के लिए मृत्यु को भी जीतने वाले महामन्त्र का जप प्राचीन काल से होता रहा है। वैदिक महामृत्युंजय मन्त्र इस प्रकार है-
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्द्धनम्।
ऊर्व्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्॥
यही मूल मन्त्र है। इस मन्त्र का १ लाख २५ हजार जप करने या कराने का विधान है। महावीर मन्दिर में योग्य साधक एवं पण्डित द्वारा यह जप कराने की व्यवस्था की गयी है। इसमें शुल्क जमा करने पर संकल्प लेने की तिथि निर्धारित की जाती है तथा उस दिन यजमान को स्वयं या अन्य किसी निकटतम व्यक्ति आकर संकल्प करते हैं और उसी दिन से जप आरम्भ हो जाता है। प्रत्येक १०,००० जप सम्पन्न होने पर उसका दशांश, १,००० मन्त्र से हवन होता है। इस हवन में यजमान अथवा किसी प्रतिनिधि की उपस्थिति अनिवार्य है। शुल्क जमा करने की न्यूनतम ईकाई 3630.00 रुपया है जिसमें १०,००० जप एवं १,००० हवन, कुल ११,००० जप-संख्या सम्मिलित है।
विवरण : अन्य ग्रह जप : नौ ग्रहों के लिए वैदिक मन्त्रों के जप का विधान शास्त्रों में किया गया है। जन्म-कुण्डली या हस्तरेखा देखने पर ज्योतिषी यह निर्धारित करते हैं कि किस व्यक्ति को किस ग्रह का मन्त्र कितनी संख्या में जप कराना चाहिए। इस जप के लिए भी मन्दिर में महामृत्युंजय जप की तरह व्यवस्था है। नोट - ग्रहों के तान्त्रिक मन्त्र के जप के लिए यहाँ कोई व्यवस्था नहीं है।
1. अनुष्ठान का नाम : वाहन-पूजा - साइकिल/रिक्शा - शुल्क : ₹ 35.00 / दो चक्का/मोटर साइकिल/ई-रिक्शा - शुल्क : ₹ 115.00 / चार चक्का एवं उससे अधिक - शुल्क : ₹ 275.00
विवरण : नई खरीदी गयी गाड़ियों के लिए तथा विश्वकर्मा-पूजा (१७ सितम्बर) के दिन पुरानी गाडियों के लिए भी वाहन-पूजा की व्यवस्था है। इसमें फूल-माला एवं प्रसाद खरीदकर यजमान स्वयं हनुमानजी का भोग लगाते हैं तथा मन्दिर की ओर से निर्धारित पुजारी वाहन-पूजा कर सुन्दर भविष्य की शुभकामना करते हैं।
विवरण : कुंडली मिलान एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो विवाह से पहले वर और वधू के बीच अनुकूलता का आकलन करने में मदद करती है। यह एक सुखी और सफल वैवाहिक जीवन के लिए आवश्यक माना जाता है.
2. कुण्डली निर्माण - भविष्यवाणी के साथ ( हिन्दी में ) 18 वर्ष से कम उम्र वालों के लिए - शुल्क : ₹ 440.00विवरण : 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों के लिए कुंडली निर्माण और भविष्यवाणी, ज्योतिषीय विश्लेषण का एक हिस्सा है। इसमें जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर ग्रहों की स्थिति का अध्ययन करके व्यक्ति के भविष्य के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए, कुंडली का उपयोग उनके स्वभाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, और संभावित चुनौतियों को समझने में मदद करता है।
3. कुण्डली निर्माण - भविष्यवाणी के साथ ( हिन्दी में ) - शुल्क : ₹ 550.00विवरण : जन्म कुंडली (Janam Kundli) एक ज्योतिषीय चार्ट है जो किसी व्यक्ति के जन्म के समय ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है, और इसका उपयोग भविष्यवाणियां करने के लिए किया जाता है। जन्म कुंडली के माध्यम से, व्यक्ति अपने स्वभाव, करियर, आर्थिक स्थिति, और वैवाहिक जीवन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकता है। जन्म कुंडली बनाने के लिए, जन्म तिथि, जन्म समय, और जन्म स्थान की आवश्यकता होती है।
4. ज्योतिष परामर्श-शुल्क ( हस्तरेखा अथवा जन्म-कुण्डली परीक्षण ) - शुल्क : ₹ 170.00विवरण : ज्योतिष परामर्श में, हस्तरेखा और जन्म कुंडली दो अलग-अलग तरीके हैं, जो व्यक्ति के भविष्य और व्यक्तित्व के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। हस्तरेखा शास्त्र में, हाथों की रेखाओं का अध्ययन किया जाता है, जबकि जन्म कुंडली में, जन्म के समय ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। दोनों ही विधियाँ ज्योतिष का हिस्सा हैं और व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाल सकती हैं।