Dharmayan vol. 83

महावीर मन्दिर प्रकाशन

धर्मायण

(धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की त्रैमासिक हिन्दी पत्रिका)
अंक संख्या 83, अप्रैल-सितम्बर, 2014
पृष्ठ सं. 64, प्राप्तिस्थान- महावीर मन्दिर परिसर

आलेख-सूची 

  1. शारदा-तिलक में रामोपासना का स्वरूप – पं. भवनाथ झा
  2. मगध-क्षेत्र में सूर्य-उपासना की प्राचीनता -पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  3. बिहार के पर्यटन-विकास में हिन्दू-विरासत की भूमिकाआचार्य किशोर कुणाल
  4. जयशंकर प्रसाद की कामायनी के श्रद्धा-मनु एवं प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन- प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार ‘अंशुमाली’
  5. ‘विनय-पत्रिका’ की हरि-शंकरी – डॉ. (प्रो.) राजेश्वर नारायण सिन्हा
  6. राजर्षि अम्बरीष एवं दुर्वासा की कथा – डॉ. जयनन्दन पाण्डेय
  7. ‘‘तुलसी-साहित्य पर संस्कृत के अनार्ष प्रबन्धें की छाया’’ एक दृष्टि- डा. आलोक कुमार
  8. सामाजिक सद्भाव का दृष्टान्त: सिमरी का महावीरी झण्डा- डा. लक्ष्मीकान्त मुकुल
  9. व्यावहारिक वेदान्त के प्रतिष्ठाताः स्वामी विवेकानन्द-डॉ. भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता
  10. ‘रामलला नहछू’ का काव्य-सौन्दर्य –श्री युगल किशोर प्रसाद
  11. धर्म, संस्कृति, सम्प्रदाय और लोक-जीवन-डा. विनय कुमार सिंह
  12. मन्दिर समाचार परिक्रमा