भगवान् का भोग, दरिद्रनारायण भोज, सिन्दूर शृंगार, साधुसेवा, अखण्ड-ज्योति, ध्वजारोहण, पुष्प शृंगार





रुद्राभिषेक, सत्यनारायण कथा, हनुमत्-पूजन, रामार्चा-पूजन, बृहद्-मनोकामना यज्ञ, जन्म-मंगलानुष्ठान, ग्रहशान्ति हवन, रोगशन्ति हवन, मुण्डन




महामृत्युंजय जप, अन्य ग्रहमन्त्र जप, सन्तान-गोपाल-मंत्र जप, सुन्दरकाण्ड रामचरितमानस/वाल्मीकि-रामायण, श्रीदुर्गासप्तशती, श्रीरामरक्षा-स्तोत्र, कलश-स्थापना, रामावत सम्प्रदाय में दीक्षा


वाहन-पूजा - साइकिल, रिक्शा, दो चक्का, मोटर साइकिल, तीन चक्का एवं उससे अधिक, हस्तरेखा अथवा जन्म-कुण्डली परीक्षण, गणना, वर-वधू-कुण्डली मिलान, भविष्यवाणी


आस्था का केन्द्र, प्राचीन महावीर मन्दिर

महावीर मन्दिर, पटना, बिहार, भारत में स्थित भगवान श्री हनुमान जी को समर्पित सबसे पवित्र हिंदू मन्दिरों में से एक है। यह देश के सर्वोत्तम और प्राचीन हनुमान मन्दिरों में से एक है। महावीर मन्दिर उत्तर भारत का सबसे प्रसिद्ध मन्दिर है। मन्दिर में हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं। संकट मोचन की प्रतिमा भक्तों के दिल में एक विशेष स्थान रखती है। रामनवमी के पावन अवसर पर अनेक लोग इं। Read More

वर्तमान गतिविधि

Mahavir Mandir current News.

महावीर मन्दिर देश के प्रमुख मन्दिरों में क्यों माना जाता हैं?


पार्थिव शरीर वाहन की निःशुल्क सुविधा


राम रसोई का संचालन विगत वर्ष 2019 को आज ही के दिन श्रीसीताराम विवाह के शुभ अवसर पर आरम्भ हुआ था।


अयोध्या में रामलल्ला जी के अस्थायी मन्दिर में महावीर मन्दिर पटना की सेवा


महावीर मन्दिर, पटना में बीपी जांच मुफ्त। आगे चल कर ब्लड सुगर की भी जांच होगी।


मुजप्फरपुर में एनसेफलाइटिस से उत्पन्न स्थिति में महावीर मन्दिर द्वारा राहत कार्य


महावीर मन्दिर न्यास, पटना ने मुख्यमंत्री राहत कोष में १ करोड़ रुपए की सहयोग राशि कोरोना वायरस की विभीषिका को समूल नष्ट करने एवं ग़रीबों को भोजन सुलभ कराने की सरकारी योजना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिया है।


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Mahavir Mandir parva & tewhar

मकर संक्रान्ति - दिनांक 15-01-2020


गणतंत्र दिवस - दिनांक 26-01-2020


नरकनिवारण चतुर्दशी - 23-01-2020


वसन्तपंचमी - 30-01-2020


महाशिवरात्रि - 21-02-2020


होलिकोत्सव ( होलिका दहन ) - 09-03-2020


सिन्दूर क्रीड़ा ( खेल ) - 10-03-2020


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Mahavir Mandir aarti Time

मन्दिर का पट खुलने का समय - प्रतिदिन 05:00 मध्याह्नपूर्व


सुबह का आरती - प्रतिदिन 05:00 मध्याह्नपूर्व


भोग आरती - प्रतिदिन 11:00 मध्याह्नपूर्व


अपराह्न आरती - प्रतिदिन 04:00 मध्याह्न के बाद


संध्या आरती - प्रतिदिन 07:30 मध्याह्न के बाद


शयन आरती - प्रतिदिन 10:30 मध्याह्न के बाद


दरिद्रनारायण भोज - प्रतिदिन 02:00 मध्याह्न के बाद


ध्यान दें : - संध्या आरती - प्रतिदिन 07:30 मध्याह्न के बाद आश्विन पूर्णिमा से फाल्गुन पूर्णिमा तक और प्रतिदिन 08:00 मध्याह्न के बाद फाल्गुन पूर्णिमा से आश्विन पूर्णिमा तक


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