धर्मायण पत्रिका
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मगध में सूर्यपूजा कैसे फैली?
मगध की सूर्यपूजा की कथा द्वापर युग के अंत समय से जुड़ी हुई है। भगवान् कृष्ण के पुत्र साम्ब को कुष्ठ रोग हो गया ... -
Dharmayan vol. 80
(Title Code- BIHHIN00719), धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की पत्रिका, मूल्य : पन्द्रह रुपये प्रधान सम्पादक भवनाथ झा सहायक सम्पादक- श्री सुरेशचन्द्र मिश्र पत्राचार : ... -
धर्मायण- शतांक तक की गौरवमयी यात्रा
“धर्मायण” के 100वें अंक का सम्पादकीय महावीर मन्दिर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की मासिक पत्रिका “धर्मायण” का 100वाँ अंक सुधी पाठकों के ... -
dharmayan vol.100 Surya-Upasana Ank
वर्तमान में कोविड-19 के कारण यह पत्रिका केवल ई-पत्रिका के रूप में प्रकाशित हो रही है। अंक संख्या 100, हिन्दी धार्मिक पत्रिका “धर्मायण” महावीर ... -
Dharmayan vol. 99 Valmiki Ramayana Ank
आज एक सामान्य अवधारणा बन गयी है कि वाल्मीकि-रामायण का मुंबई-संस्करण जो गीता प्रेस से प्रकाशित है, वहीं एक मात्र पाठ है। जबकि सच्चाई ... -
Dharmayan vol. 98 Krishna-bhakti Ank
धर्मायण, अंक संख्या 98, भाद्रपद, 2077 वि. सं., 4 अगस्त से 2 सितम्बर, 2020 ई.. श्रीकृष्ण-भक्ति विशेषांक। -
Dharmayan vol. 92
महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 92 -
Dharmayan vol. 91
महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी मासिक पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 91 -
Dharmayan vol. 97 Nag-puja Ank
भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी नाग-पूजा की परम्परा रही है। चीन में भी ड्रैगन की पूजा होती है। भारतमें तो प्राचीन ... -
Dharmayan vol. 96
गुरुतत्त्व-विशेषांक, महावीर मन्दिर की पत्रिका धर्मायण की अंक संख्या 96, आषाढ, वि.सं. 2077. प्रधान संम्पादक- आचार्य किशोर कुणाल। सहायक संपादक- पं. भवनाथ झा।

























महावीर मन्दिर प्रकाशन
महावीर मन्दिर प्रकाशन
महावीर मन्दिर प्रकाशन
महावीर मन्दिर प्रकाशन
धर्मायण, अंक संख्या 114, परमहंस विष्णुपुरी विशेषांक