Dharmayan vol. 80

अंक संख्या 80
  • (Title Code- BIHHIN00719),
  • धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की पत्रिका,
  • मूल्य : पन्द्रह रुपये
  • प्रधान सम्पादक  भवनाथ झा
  • सहायक सम्पादक- श्री सुरेशचन्द्र मिश्र
  • पत्राचार : महावीर मन्दिर, पटना रेलवे जंक्शन के सामने पटना- 800001, बिहार
  • फोन: 0612-2223798
  • मोबाइल: 9334468400
  • E-mail: dharmayanhindi@gmail.com
  • Web: www.mahavirmandirpatna.org/dharmayan/
  • पत्रिका में प्रकाशित विचार लेखक के हैं। इनसे सम्पादक की सहमति आवश्यक नहीं है। हम प्रबुद्ध रचनाकारों की अप्रकाशित, मौलिक एवं शोधपरक रचनाओं का स्वागत करते हैं। रचनाकारों से निवेदन है कि सन्दर्भ-संकेत अवश्य दें।

निःशुल्क डाउनलोड करें। स्वयं पढें तथा दूसरे को भी पढायें। वर्तमान में कोविड-19 की महामारी में केवल ऑनलाइन पत्रिका निकल रही है। स्थिति सामान्य होने पर प्रकाशित करने की योजना बनायी जायेगी। ईमेल से प्राप्त करने हेतु महावीर मन्दिर, पटना को लिखें- Email: dharmayanhindi@gmail.com

आलेख-सूची, धर्मायण अंक संख्या- 80

  1. (सम्पादकीय आलेख) दान की गयी भूमि के अपहरण का पाप—भवनाथ झा
  2. दानमानविमर्श डॉ. कृष्णानन्द झा
  3. कौमुदी-महोत्सव की परम्परा और पाटलिपुत्र— डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव
  4. वैदिक साहित्य में त्रयी-एक विश्लेषण— प्रो० रामविलास चौधरी
  5. जीवन का दर्शन : आरसी एवं टेनिसन की दृष्टि में— प्रो० अशोक कुमार अंशुमाली’
  6. श्रीकृष्ण-क्रान्ति पं. गंगा पीताम्बर शर्मा
  7. संत सूरजदास-कृत रामजन्मकाव्य-कृत्ति — श्री युगल किशोर प्रसाद
  8. रामायणमें सुन्दरकाण्डका महत्त्व— डॉ. शिववंश पाण्डेय
  9. मानसमें वर्णित शाप तथा उनकी दिशाएँ डॉ. श्रीकांत सिंह
  10. रामचरितमानस में नगर-वर्णन डॉ. राजेश्वर प्रसाद
  11. मानसका पुष्पवाटिका- प्रसंग— डॉ. गनौरी महतो
  12. हस्ती मिटती नहीं हमारी डॉ. एस.एन.पी. सिन्हा
  13. कर्म एवं ज्ञान के बीच सम्बन्ध  भवनाथ झा 

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