धर्मायण अंक संख्या 83

Dharmayan vol. 83

धर्मायण अंक संख्या 83, वैशाख-आश्विन 2071, अप्रैल-सितम्बर 2014 ई.
  • (Title Code- BIHHIN00719),
  • धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की पत्रिका,
  • मूल्य : पन्द्रह रुपये
  • प्रधान सम्पादक  भवनाथ झा
  • सहायक सम्पादक – श्री सुरेशचन्द्र मिश्र
  • पत्राचार : महावीर मन्दिर, पटना रेलवे जंक्शन के सामने पटना- 800001, बिहार
  • फोन: 0612-2223798
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Dharmayan-vol.-83-1

विषय-सूची

  1. (सम्पादकीय आलेख) शारदा-तिलक में रामोपासना का स्वरूप— पं. भवनाथ झा
  2. मगध-क्षेत्र में सूर्य-उपासना की प्राचीनता— पं. सुरेशचन्द्र मिश्र
  3. बिहार के पर्यटन विकास में हिन्दू-विरासत की भूमिका— आचार्य किशोर कुणाल 
  4. जयशंकर प्रसाद की कामायनी के श्रद्धा-मनु एवं प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन— प्रो०(डॉ०)अशोक कुमार ‘अंशुमाली’
  5. ‘विनय-पत्रिका’ की हरि-शंकरी— डॉ. (प्रो.) राजेश्वर नारायण सिन्हा 
  6. राजर्षि अम्बरीष एवं दुर्वासा की कथा— डॉ. जयनन्दन पाण्डेय
  7. “तुलसी-साहित्य पर संस्कृत के अनार्ष प्रबन्धों की छाया” एक दृष्टि— डा. आलोक कुमार
  8. सामाजिक सद्भाव का दृष्टान्त : सिमरी का महावीरी झण्डा— डा. लक्ष्मीकान्त मुकुल
  9. व्यावहारिक वेदान्त के प्रतिष्ठाताः स्वामी विवेकानन्द— डा० भुवनेश्वर प्रसाद गुरुमैता
  10. ‘रामलला नहछू’ का काव्य-सौन्दर्य— श्री युगल किशोर प्रसाद 
  11. धर्म, संस्कृति, सम्प्रदाय और लोक-जीवन— डा. विनय कुमार सिंह
  12. मन्दिर समाचार परिक्रमा

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