Dr. Kashinath Mishra

मुख्य रूप से अंगरेजी भाषा एवं साहित्य के अध्येता डा. काशीनाथ मिश्र वर्तमान में अंगरेजी के अध्यापक हैं। धर्मायण पत्रिका के लिए…..Continue Reading

गुरुतत्त्व-विशेषांक, महावीर मन्दिर की पत्रिका धर्मायण की अंक संख्या 96, आषाढ, वि.सं. 2077. प्रधान संम्पादक- आचार्य किशोर कुणाल। सहायक संपादक- पं. भवनाथ झा।Continue Reading

डा. सुदर्शन श्रीनिवास शाण्डिल्य संस्कृत विद्या के पारम्परिक विद्वान् एवं अध्यापक हैं। गीता के ज्ञान का गम्भीर उपदेश देने के लिए इनकी ख्याति विशेष रूप से है। नव्य-न्याय एवं व्याकरण देनों आधापभूत विषयों की सिक्षा के कारण इनकी भाषा प्रांजल होती है।Continue Reading

संस्कृत एवं संगीत दोनों के अध्येता एवं साधक श्री प्रभाकर यशस्वी लेखक हैं। इन्होंने संस्कृत साहित्य में स्थापित मूल्यों को जन-जन में उतारने का प्रयास किया है।Continue Reading

मिथिला के आधुनिक विद्वानों में अन्यतम डा. शशिनाथ झा, एक साथ मिथिला के इतिहास, पाण्डुलिपिशास्त्र, संस्कृत व्याकरण, साहित्य, धर्मशास्त्र आदि के विद्वान् हैं। इन्होंने सौ से अधिक ग्रन्थों का सम्पादन तथा लेखन किया है।Continue Reading

“धर्मायण” की अंक संख्या 86

महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 86Continue Reading

धर्मायण अंक संख्या 85, माघ-चैत्र 2071 वि.सं., जनवरी-मार्च 2015 ई.

महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 85Continue Reading

Dharmayan vol. 84

महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 84Continue Reading

धर्मायण अंक संख्या 83

महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 83Continue Reading

“धर्मायण” की अंक संख्या 82

महावीर मन्दिर, पटना (बिहार) द्वारा प्रकाशित धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय चेतना की हिन्दी पत्रिका “धर्मायण” की अंक संख्या 82Continue Reading